शिवराज से मिले सिंधिया, चर्चाओं का बाज़ार गर्म: प्रेस रिव्यू

नवभारत टाइम्स के मुताबिक़ कांग्रेस नेता ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया और पूर्व मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच सोमवार रात को अचानक हुई मुलाक़ात राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है.

शिवराज के आवास पर दोनों नेताओं ने बंद कमरे के अंदर क़रीब 40 मिनट तक बातचीत की. यही नहीं मुलाक़ात के बाद शिवराज और ज्‍योतिरादित्‍य एक साथ बाहर आए और पत्रकारों से मिले.

दोनों नेताओं के मिलने की ख़बर के बाद शिवराज के आवास के बाहर पत्रकारों का जमावड़ा लग गया. शिवराज और ज्‍योतिरादित्‍य ने इसे शिष्‍टाचार भेंट बताया, साथ ही यह भी कहा कि 'बातचीत अच्‍छी' रही. दोनों के इस बयान के बाद इस बात के स्‍पष्‍ट संकेत मिले कि यह बातचीत मध्‍य प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर थी.

ज्योतिरादित्य ने कहा, "हमने कई मुद्दों पर बातचीत की."

शिवराज ने कहा, "हमने मुलाक़ात की और चर्चा की, लेकिन कोई शिकायत या बुरी भावना नहीं."

बॉर्डर गा‌र्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) के जवानों ने इन्हें बांग्लादेश में घुसने से रोक दिया था, जिसके चलते पिछले तीन दिनों से ये सभी बांग्लादेश की सीमा पर नो मैंस लैंड में फंसे हुए थे. इनको लेकर बीएसएफ़ और बीजीबी के बीच गतिरोध भी बना हुआ था.

बीएसएफ़ के डीआइजी ब्रजेश कुमार ने बताया कि ये रोहिंग्या मुस्लिम 18 जनवरी से ही कंटीले तार के पार सीमा पर ज़ीरो लाइन पर फंसे थे. बांग्लादेश से इन्हें वापस लेने को कहा जा रहा था, लेकिन वो इन्हें लेने को तैयार नहीं थे.

बटालियन कमांडर स्तर कई दौर की बातचीत में भी जब मसला नहीं सुलझा तो बीएसएफ़ ने गृह मंत्रालय को इसकी सूचना दी. मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद बीएसएफ़ ने इन्हें त्रिपुरा पुलिस के हवाले कर दिया.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़ सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालयों में विभागवार आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार की ओर से दायर याचिका ख़ारिज कर दी है. ये याचिका विभिन्न विश्वविद्यालयों में टीचर्स के लिए आरक्षित पदों में कटौती को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फ़ैसले के ख़िलाफ़ दायर की गई थी. कोर्ट ने कहा कि शिक्षकों की नियुक्तियों में दिए जाने वाले आरक्षण में विभाग को 'यूनिट माना जाएगा न कि विश्वविद्यालय को'.

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने साल 2017 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश में दख़ल देने से इनकार कर दिया है, जिसमें शिक्षकों की विश्वविद्यालय स्तर पर नियुक्ति में आरक्षण देने संबंधी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के गाइडलाइंस को दरकिनार कर दिया गया था.

कोर्ट ने कहा है कि सभी विश्वविद्यालयों में आरक्षण विभागवार ही लागू होना चाहिए. सरकार की दलील थी कि विभागवार आरक्षण लागू करने से एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को नुक़सान होगा.

जम्मू-कश्मीर में शोपियां ज़िले के जैनापोरा इलाक़े में सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में तीन चरमपंथियों की मौत हो गई है. मुठभेड़ में मारे गए तीन चरमपंथियों में से एक भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी का भाई भी था.

पुलिस सूत्रों ने कहा कि हेफ शेरमल गांव में सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए चरमपंथियों में एक आईपीएस अधिकारी का भाई भी शामिल है. ये आईपीएस अभी पूर्वोत्तर में तैनात हैं.

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